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ईमानदार मैकेनिक

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Category: Courage & Character

Lesson: जीवन में हमेशा ईमानदार बनना चाहिए। ईमानदारी से दूसरों का भला होता है और खुद को भी सम्मान मिलता है।

Why it matters: जीवन में हमेशा ईमानदार बनना चाहिए। ईमानदारी से दूसरों का भला होता है और खुद को भी सम्मान मिलता है।


हेलो। हां, एक बार क्या हुआ, हम लोग दादा-दादी के साथ हम लोग यात्रा करने जा रहे थे। तो वहां तीर्थ स्थान पर पहुंचे, तो सामान निकाला, सब देखा कि एक बैग नहीं है। तो रात के 12:00 बजे थे। दादा-दादी घबरा गए और उनको हमने अच्छी तरह से रूम में सुलाए और हम दोनों वापस गए रिटर्न। तो बैग रोड के नीचे गिर गई थी। तो वहां पर एक मैकेनिक गाड़ी ठीक कर रहा था, तो उसने जाकर पुलिस चौकी में जमा करवा ली। तो हम रास्ते में वापस रिटर्न जा रहे थे, तो पुलिस लोग बाहर बैठे थे, तो उन्होंने हमने हमने पूछा कि बैग आपको कुछ मिला है क्या? तो वह लोग बोले कि बाद में हम बताएंगे। तो हमने बहुत रिक्वेस्ट किया कि छोटे बच्चे साथ में हैं, दादा-दादी हैं, सब साथ में हैं, तो आप बताइए। तो पुलिस वाले ने बोला कि अभी तो बंद हो गया है, अभी ऑफिस बंद हो गया है, तो कल सुबह में आओ। तो हमने हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट की कि छोटे बच्चे साथ में हैं और दादा-दादी साथ में हैं, तो आप रिक्वेस्ट करके हमको वह बैग दे दीजिए। तो उन्होंने बैग बताया कि यही है आपका बैग? तो हमने बोला कि हां, हमारा यही है। फिर पुलिस वालों ने हमको बताया, बैग बताया और हम लोगों ने बोला कि मैकेनिक को भी बुलाओ। कि मैकेनिक को बुलाएंगे तो हम उसको भी खुश करेंगे। वह मैकेनिक इतना ईमानदार निकला कि वह बैग पुलिस चौकी में जमा करवा लिया। उसमें सब उनके कपड़े थे, मेरे मिस्टर के कपड़े थे। तो उन्होंने एक भी कपड़े नहीं निकाले और सब बैग पुलिस में जमा करवा दिया और फिर हम लोग बैग लेकर घर पे निकले। हां। बोल दीजिए। हां, जीवन में ईमानदार बनना चाहिए कि वह मैकेनिक इतना ईमानदार निकला कि सब कपड़े उनको होने वाले थे, लेकिन उन्होंने एक भी कपड़े नहीं निकाले और फिर मैकेनिक को बुलाकर हम लोगों ने खुश किया उसको और वह ईमानदार निकला। ऐसे ही जिंदगी में ईमानदार बनना चाहिए।
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Meena Parmar

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