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संघर्ष, संस्कार और समय का बदलाव

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Category: Courage & Character

Lesson: जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आएं, हिम्मत और लगन से उनका सामना करना चाहिए। बुरे समय के लिए हमेशा थोड़ी-थोड़ी बचत करनी चाहिए ताकि मुश्किल वक्त आसानी से कट सके। इसके साथ ही, बदलते समय के साथ पीढ़ी के अंतर (generation gap) को समझना और अपनी पुरानी सीखों को धै

Why it matters: जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आएं, हिम्मत और लगन से उनका सामना करना चाहिए। बुरे समय के लिए हमेशा थोड़ी-थोड़ी बचत करनी चाहिए ताकि मुश्किल वक्त आसानी से कट सके। इसके साथ ही, बदलते समय के साथ पीढ़ी के अंतर (generation gap) को समझना और अपनी पुरानी सीखों को धैर्य से अगली पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।


"हम लोगों के पुराने समय में बहुत ही कड़क परवरिश थी। हम किसी पर भी पर-पुरुष से, जेठ या बड़े ससुर से वैसे ज्यादा हंसी-मजाक नहीं कर सकते थे। पर इसके बावजूद भी मुझे पढ़ने का जुनून था, तो मैं जिद करके मेरे महिला विद्यालय में पढ़ाई की। बी.ए. तक कर पाई, पर बम्बई में मेरी शादी एक डॉक्टर से हो गई, उसके बाद ही मुझे परिस्थिति से निपटना पड़ा। ना तो... तब ना मोबाइल था, ना ही इतनी छूट थी, फिर भी... मैं सभी परिस्थिति... आर्थिक, निपटती गई। मुझमें इतनी हिम्मत कहां से आई पता नहीं, पर आज बच्चों को बताती हूं तो उनको आश्चर्य होता है कि दादी इतनी तकलीफ से आप लोग कैसे गुजरे। बच्चों को ऐसा ही बताते हैं कि आज समय अच्छा है, पर आगे कभी खराब समय आए तो घबराना नहीं। इसलिए थोड़ी-थोड़ी बचत भविष्य के लिए करना चाहिए ताकि ज्यादा तकलीफ ना... लगे। और आज अपने बच्चे पैरों पर खड़े हैं तथा करियर बना रहे हैं। अब... आज बच्चे दादा-दादी के पास बैठना नहीं चाहते, क्योंकि उनके ऑफिस और मोबाइल से ही फुर्सत नहीं रहती है। पुराने विचारों से वो सहमत नहीं हैं, क्योंकि जनरेशन गैप बहुत ज्यादा है तथा वो लिख-पढ़ गए हैं और जॉब कर रहे हैं।"
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Manorama Tibdewal

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