जीवन का संघर्ष और आत्म-सम्मान
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Category:
Failure & Resilience
Lesson:
कठिन से कठिन समय में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और अपने बच्चों को मजबूत बनाना चाहिए। दूसरों की मदद करना अच्छी बात है, लेकिन केवल उतना ही बर्दाश्त करें जितना आपकी सहनशक्ति इजाजत दे। सबसे पहले अपने और अपने परिवार की भलाई का ध्यान रखें और सभी का सम्मान करें।
Why it matters:
कठिन से कठिन समय में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और अपने बच्चों को मजबूत बनाना चाहिए। दूसरों की मदद करना अच्छी बात है, लेकिन केवल उतना ही बर्दाश्त करें जितना आपकी सहनशक्ति इजाजत दे। सबसे पहले अपने और अपने परिवार की भलाई का ध्यान रखें और सभी का सम्मान करें।
"मेरे लिए मेरा चैलेंज था सबसे बढ़कर मेरे तीन बच्चे हैं। वह बड़ा चैलेंज था कि मेरे पर जो बुरा समय आया तो मैं बच्चों को अभी कैसे संभालूंगी? तो मैंने बच्चों को बहुत ही स्ट्रांग बनाया और बच्चों ने काफी मुझे सपोर्ट किया। उस चैलेंज में मैं पास हो गई और उस चैलेंज में मेरे बच्चे काफी अच्छी पोस्ट पर चले गए। और अब मुझे उनका कोई टेंशन नहीं है। अभी भी मैं यही सिखाऊंगी बच... मतलब यही संस्कार दूंगी कि बड़ों का सम्मान करो, मान करो। और मैंने जो अपनी जिंदगी में देखे हैं, वह कभी मेरे बच्चों की लाइफ में वह चीजें ना आए और मैंने मतलब जो बर्दाश्त किया है... तो बर्दाश्त उतना ही करो जितना आप में सहनशक्ति है। उससे बढ़कर आप बर्दाश्त करते हैं तो लोग आप जितना बर्दाश्त करोगे लोग उतना ही बर्दाश्त करवाते हैं। तो मुझे यह सब मतलब बर्दाश्त करना पड़ा, यह सब सहन करना पड़ा मुझे। क्योंकि मैं मतलब इन बातों को वह बिलीव नहीं करती थी कि नहीं भाई यह कोई बोलता है या कुछ बुरा बोलता है तो इट्स ओके, मैं सब लेट गो करती थी और मैं किसी का बुरा नहीं मानती थी। लेकिन जब वक्त मेरे ऊपर बुरा वक्त आया, मैंने सब के लिए किया, अपने पूरी फैमिली के लिए किया, अपने पूरे मतलब काफी लोगों के लिए अच्छा सोचा, अच्छा किया, लेकिन जब मेरा बुरा समय आया तब मुझे सब ने अलग कर दिया। तब मुझे अभी पहचान आई कि नहीं, जो है पहले अपने लिए जियो। मैं अभी बच्चों को भी वही सीख देती हूं—अपने लिए करो, बाद में दूसरों के लिए। अपन अच्छे हैं तो दूसरों को हम अच्छा कर सकते हैं, हमारे पास अच्छे संस्कार हैं तो हम उनका यूज कर सकते हैं, सबका सम्मान कर सकते हैं, किसी का अपमान मत करो। यह मेरी..."
Veena Harpalani