पारिवारिक जुड़ाव और संवाद का महत्व
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Category:
Relationships
Lesson:
जीवन में चाहे हम कितनी भी तरक्की कर लें और तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, हमें अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव और संवाद (Communication) बनाए रखना चाहिए। गैजेट्स और सोशल मीडिया की दुनिया से बाहर निकलकर अपनों के साथ बैठने से ही हमें सच्चा मो
Why it matters:
जीवन में चाहे हम कितनी भी तरक्की कर लें और तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, हमें अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव और संवाद (Communication) बनाए रखना चाहिए। गैजेट्स और सोशल मीडिया की दुनिया से बाहर निकलकर अपनों के साथ बैठने से ही हमें सच्चा मोरल सपोर्ट और जीवन की ताकत मिलती है।
नमस्कार। आज, आज की जनरेशन को बच्चों को मैं यह बताना चाहती हूं, मैं अपनी लाइफ की एक स्टोरी सुनाना चाहती हूं। जब हम छोटे थे तो मैंने बचपन से ही अपने पेरेंट्स को, उसकी family के साथ कैसे बॉन्डिंग रखते हैं, कैसे रिलेशन मेंटेन करते हैं, वह मैंने देखा है और मैंने किया भी है और अपने में भी वह कल्टिवेट भी किया है। वह लोग उस टाइम पे, जब फोन नहीं था, ऐसा कम्युनिकेशन मोड इतना पावरफुल नहीं था जो आज है, तो उस टाइम पे वह लोग लेटर लिखते थे, पोस्टकार्ड से जब भी फेस्टिवल्स आते थे जैसे दिवाली है या कोई और भी फेस्टिवल आ रहा है या उनका कहीं और भी कभी कोई गुजर जाता है तो उस टाइम पे वो लोग लिखते थे और भेजते थे। और मैंने खास करके दिवाली में मैंने अपने पेरेंट्स को देखा है कि वो अपने सारे रिलेटिव्स को ग्रीटिंग्स भेजते थे दिवाली का, अपने हाथ से लिख कर भेजते थे, इतना टाइम निकालते थे और भेजते थे। और वही बात मैंने सीखी है अपने पेरेंट्स से। लाइफ में चाहे कितना भी आप आगे बढ़ जाओ या सक्सेस पा लो, जो हमारी फैमिली है, जो हमारे पेरेंट्स हैं उनके साथ बॉन्डिंग होना और रखना चाहिए और वह बहुत इंपॉर्टेंट है लाइफ में। तो मैं अभी की जनरेशन को यह बताना चाहूंगी कि आप कितने भी पढ़ लिख लो या कुछ भी यूज करो या कुछ भी करो, प्रिंस सारे अभी के तो गैजेट्स हैं तो आप लोग सोशल मीडिया पे भी ज्यादा रहते हैं। पर एक बात हमेशा ध्यान रखना कि कम्युनिकेशन अपनी faint… फैमिली के साथ होना चाहिए। ऐसा नहीं कि पूरा दिन आप अपने कमरे में अपने गैजेट्स के साथ रहो, पर बाहर आकर पेरेंट्स के साथ बैठो, कभी-कभी नेबर से भी बात कर लिया करो, अपने कजंस के साथ बात कर लिया करो। कम्युनिकेशन होना बहुत ही जरूरी है, वही बॉन्डिंग रहती है और वह हमें स्ट्रेंथ भी देता है, हमें मोरल सपोर्ट भी देता है।
Preeti Mehta