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रिश्तों की डोर और जीवन की चुनौतियाँ

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Category: Relationships

Lesson: जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें और चुनौतियाँ क्यों न आएं, हमें उनका सामना धैर्य और मजबूती के साथ करना चाहिए। रिश्तों को थोड़ी सी कठिनाई में छोड़ने के बजाय जीवनभर निभाना ही सच्चे चरित्र की पहचान है।

Why it matters: जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें और चुनौतियाँ क्यों न आएं, हमें उनका सामना धैर्य और मजबूती के साथ करना चाहिए। रिश्तों को थोड़ी सी कठिनाई में छोड़ने के बजाय जीवनभर निभाना ही सच्चे चरित्र की पहचान है।


"""मेरा नाम साधना गुप्ता है। और मैं दिल्ली से हूँ, दिल्ली सदर बाज़ार से हूँ। और मैं... मैंने पोलिटिकल साइंस ऑनर्स किया है पहले कालिंदी कॉलेज से। फिर मैंने एम.ए. किया है पोलिटिकल साइंस में। और मेरी शादी मेरे... हुई है भगत ब्रह्मदत्त गुप्ता जी से। 46 इयर्स हो गए।

चैलेंज मैंने... लाइफ में मैं बॉम्बे में मेरा कोई रिश्तेदार नहीं है और मैं प्रॉपर दिल्ली से हूँ, मेरे सब रिलेशन वाले। और मैं 20 इयर्स की थी जब मैं शादी करके बॉम्बे, किसी को जानती भी नहीं थी। सिर्फ मेरे हसबैंड के बड़े भाई रहते थे। तो मेरे हसबैंड का उनका झगड़ा हो गया और हम अलग हो गए। मैं बहुत अच्छी फैमिली से हूँ, करोड़पति फैमिली से थी। लेकिन जब अलग हो गए, उनके दोनों भाइयों का झगड़ा हुआ और दोनों... मेरे हसबैंड ज्यादा कुछ कर नहीं पाए। और मैंने फिर बहुत ज्यादा लाइफ में चैलेंजेस फेस किए। हसबैंड बीमार हो गए, बॉम्बे में कोई था भी नहीं। मुझे दो बेटियां। अभी तक मैं वो चैलेंज फेस कर रही हूँ। और आजकल की जो लड़कियां होती हैं, थोड़ी सी भी मुश्किल आती है तो वो ससुराल छोड़ के भाग जाती हैं।

लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। जो भी मुझे चैलेंजेस थे, क्या कहते हैं, मैंने उनको एक्सेप्ट किया और मैंने उनको पूरा किया। और मैं अपने बच्चों से भी और आगे आने वाली जनरेशन से भी यही कहना चाहूँगी कि अगर रिलेशंस बनते हैं तो फिर उनमें झगड़े मत करो, उनको निभाओ। लाइफटाइम के लिए वो रिलेशंस होने चाहिए। थैंक यू।"""
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Sadhna Gupta

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