"मेरा नाम सरला बुगना है।
मेरी एक बहुत अच्छी फ्रेंड थी ग्वालियर से आई थी। तो उसके शादी में मेरे को निमंत्रण मिला। वैसे वो मेरी रिश्ते में मेरी भाभी की बहन थी, सगी बहन थी और उससे मेरी बहुत अच्छी फ्रेंडशिप हो गई थी। उसकी शादी में मैं गई। मेरे भाई-भाभी भी गए थे। हम लोग जस्ट आने ही वाले थे कि उसी दिन मेरे भाई के हार्ट अटैक आ गया। उनको अस्पताल में भर्ती किया... किया गया।
इन बिटवीन उनकी एक और बहन के घर मैं... मतलब बगल में ही घर था उनके यहां। जैसे शादी में बहुत मेहमान आ जाते हैं तो उनके यहां नहाना-स्नान करने भी मैं उनके घर चली जाती थी। तो उन लोगों से भी मेरा अच्छा परिचय हो गया था। धीरे-धीरे वो लोग मेरा इंटरव्यू लेने लग गए, मतलब इनडायरेक्टली।
मेरे... आज तो वो मेरे जेठ जी हैं, उस समय उनको जीजा जी कहती थी मैं। तो उन्होंने पूछा, 'ग्वालियर घूमी हो?' मैंने बोला, 'नहीं, किसके साथ जाती? भाई साहब की तो ऐसे तबीयत खराब हो गई है हॉस्पिटल में, कौन घुमाता?' तो बोले, 'मैं घुमा... मैं घुमाऊंगा।' वो बाइक में मेरे को कभी इधर कभी उधर, रोज 15 दिन मेरा इंटरव्यू चला, उन्होंने मेरी अच्छे से जांच-पड़ताल ली। और घर में सबको मालूम लेकिन मेरे को नहीं मालूम कि मेरे यह लोग मेरे को पसंद कर चुके हैं और...
तो एक दिन उन्होंने मेरे से ऐसे ही पूछा, 'तुम्हारे जीजा जी लोग क्या करते हैं?' तब मैंने पकड़ा इस बात को। 'अरे मेरे जीजा जी से आपका क्या संबंध?' बोले, 'नहीं, कभी वहां जाऊं तो मिले...' 'अरे आप जाएंगे तो वो वहां क्यों आएंगे? मेरी फैमिली अलग है, उनकी फैमिली अलग है।' फिर मैंने कुछ नहीं बताया।
घर आई तो मैं बोली, 'ऐसे-ऐसे बात है, कुछ तो चक्कर है।' तो वो लोग सब हंसने लग गए। दूसरे दिन मेरे को पता चल गया। और मेरे उस समय तो वुड बी हसबैंड थे, वो बंबई से ग्वालियर आए और इस तरह मेरी सगाई हुई।
थोड़ा सावधान रहो क्योंकि आजकल तो जमाना बहुत ही खराब है। मेरी शादी को भी 52 साल से ऊपर हो गए हैं, उस समय ऐसा जमाना नहीं था और वो लोग मेरे अच्छे परिचित भी थे। मेरी फ्रेंड के बहन जीजा थे, तो वैसी कोई डरने वाली बात नहीं थी, लेकिन आज के जमाने में मैं यही कहूंगी कि सावधानी बरतिए। ऐसे किसी की बातों के चक्कर में मत आइए।"""