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जिम्मेदारी, संघर्ष और प्रिंटिंग व्यवसाय में सफलता

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Category: Failure & Resilience

Lesson: कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी आ जाने पर घबराने के बजाय मेहनत और निष्ठा से काम करना चाहिए। छोटी सी शुरुआत और कठिन संघर्ष से भी जीवन में बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है, बशर्ते इंसान अपने काम के प्रति समर्पित रहे और ईश्वर व माता-पिता के आशीर्वाद पर विश्वास रखे

Why it matters: कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी आ जाने पर घबराने के बजाय मेहनत और निष्ठा से काम करना चाहिए। छोटी सी शुरुआत और कठिन संघर्ष से भी जीवन में बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है, बशर्ते इंसान अपने काम के प्रति समर्पित रहे और ईश्वर व माता-पिता के आशीर्वाद पर विश्वास रखे।


"""मेरे फादर की डेथ 77 में हुई थी, जब मैं 17 साल का था। और घर की जिम्मेवारी मेरे ऊपर थी।

मैंने टोटल ₹5,000 से यह बिजनेस शुरू किया था। और आज तक मैं... वो आज 71 ईयर का हूं। और आज तक मैं वही काम कर रहा हूं प्रिंटिंग का। और भगवान की कृपा है, मैंने उसमें सफलता पाई। मैंने 5,000 से ही कितने 5,000 कमाए, मेरे पिताजी के आशीर्वाद से... मैं उसका वर्णन नहीं कर सकता।

(पृष्ठभूमि में प्रश्न: ""और उसमें क्या-क्या उसमें चैलेंजेस फेस किए? और... हां... आपको... हां... तो वो कैसे?"")

जिंदगी में बहुत उतार-चढ़ाव आए। जब मेरी शादी हुई तो मुझे दो दिन बाहर जाने की भी इच्छा थी, पर मैं नहीं जा पाया। जिंदगी में इतने स्ट्रगल किए हैं कि मैं कुछ बोल भी नहीं सकता। बस।"""
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Satyanarayan Agarwal

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